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Monday, 24 April 2017

निगम कर्मचारियों ने भी की ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने की मांग

वेतन हर महीने की पहली तारीख को मिलना सुनिश्चित हो 
लुधियाना: 23 अप्रैल 2017: (ओंकार सिंह पूरी//जन मीडिया मंच):: 

मानवता के लिए उषा की किरण जगाने वाले हम,
शोषित, पीडित, दलित जनों का भाग्य बनाने वाले हम।
हम अपने श्रम सीकर से ऊसर में स्वर्ण उगा देंगे,
कंकड पत्थर समतल कर कांटों में फूल खिला देंगे। 

इस गीत के सुरीले बोल छावनी मौहल्ला में स्थित आर्य स्कूल की दीवारों से छन छन कर बाहर आ रहे थे। शब्दों में जान थी। अंदर जा कर देखा तो मज़दूरों का सम्मेलन चल रहा था। नगर निगम के जो कर्मचारी लुधियाना जैसे बड़े शहर को साफ़ सुथरा रखने के लिए दिन रात मेहनत करते हैं उनका वार्षिक अधिवेशन चल रहा था। म्यूनिसिपल वर्करज यूनियन के सदस्य और अन्य लोग पूरे ध्यान से मंच से आ रही आवाज़ को सुन रहे थे। गीत के बाद मंच से बताया गया कि भारतीय मज़दूर संघ इस समय देश का सबसे बड़ा ट्रेड यूनियन संगठन बन चुका है। यह कोई पार्टी आयोजन नहीं बल्कि मज़दूर की भलाई के कानूनों को पढ़ने वाली कक्षा लग रही थी। एक एक बारीकी को बताया जा रहा था और समझा भी जा रहा था। मज़दूर की शक्ति क्या कुछ कर सकती है इनकी झलक इनके इरादों से देखी जा सकती थी। इनका आत्म विश्वास इनके चेहरों से साफ़ झलक रहा था। मेहनत की कमाई का नूर इनकी आँखों की चमक से नज़र आ रहा था। 
इस अधिवेशन में जहाँ संगठन के भविष्य में अपनाई जाने वाली रणनीति की चर्चा की जा रही थी वहीँ इस समय सामने खड़ी मांगों की भी चर्चा की गयी। केवल चर्चा ही नहीं इनको ज़ोरदार ढंग से उठाया भी गया। 
इस कार्यक्रम के मुख्य मेहमान करतार सिंह राठौर ने मीडिया से एक भेंट में बताया कि इस सरकार के दौर में भी अभी तक वही हो रहा है जो कांग्रेस सरकार के समय होता रहा है। यह सर्कार भी उन्ही पद चिन्हों पर चल रही है। संगठन ने मांग की कि शहर की बढ़ती हुई आबादी के हिसाब से बी एंड आर और बागबानी शाखा  में कर्मचारियों की नयी भर्ती की जाये। केंद्रीय कर्मचारियों की तरह वेतन आयोग की रिपोर्ट पंजाब सर्कार के कर्मचारियों पर भी लागू की जाये।  सेवा मुक्त और मृतक कर्मचारियों को उनका बकाया जल्द से जल्द किया जाये। निगम में गाड़ी चला रहे कर्मचारियों को ड्राईवर के तौर पर प्रमोट किया जाये। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तनख्वाह के भुगतान हर महीने की पहली तारीख को सुनिश्चित किया जाये। इसके साथ ही मांग की गयी ठेकेदारी प्रथा को समाप्त किया जाये। कर्मचारियों को यूनिफार्म बी समय पर दी जाये। साथ ही कैशलेस स्कीम को भी जल्द से जल्द लागू किया जाये। 
इस मौके पर विशेष तौर से शामिल हुईं वरिष्ठ डिप्टी मेयर सुनीता अग्रवाल ने मीडिया से एक भेंट में कहा कि हमारी नगर निगम के इन कर्मचारियों की मांगें भी बहुत छोटी छोटी हैं। हम पूरा प्रयास करते हैं की इन मांगों को जल्द से जल्द मान लिया जाये।  अगर फिर भी कोई दिक्क्त हो तो ये लोग कभी भी मुझे आ कर मिल सकते हैं। भारतीय मज़दूर संघ के कई अन्य सक्रिय कार्यकर्ता भी यहाँ मौजूद थे। कुल मिलकर यह एक सफल आयोजन था। इसका नारा था--देश के हित में करेंगे काम, काम के लेंगे पूरे दाम !