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Sunday, 20 February 2022

पंजाब में आम जनता वंचित रही स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसों से

पंजाब के हर डिपो से 50-50 फीसदी बसें इलेक्शन डियूटी पर लगा दीं 


लुधियाना
: 19 फरवरी 2022: (जन मीडिया मंच ब्यूरो):
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हम को जनता से क्या मतलब--वोटर जाएं भाड़ में! कुछ इसी तरह की भावना नेता लोगों की होती है चाहे वे किसी भी दल के क्यूं न हो। वे बस चुनावों के वक्त ही जनता को माईबाप कहने आते हैं लेकिन वास्तव में जनता को कभी कुछ नहीं समझते। इसी तरह का नज़ारा खरड़ के बस स्टैंड पर भी देखने को मिला। लोग घंटों से सड़कों पर बने हुए पंजाब के विभिन्न बस अड्डों पर भी खड़े थे लेकिन बसें नहीं आ रहीं थी। लुधियाना से जुड़े रूटों कुछ ज़्यादा ही बुरा हाल था।  लोग निजी बसों के कंडक्टरों की मिन्नतें कर रहे थे लेकिन वहां भी जगह नहीं थी। लोग छतों पर भी बैठे थे। खरड़ से लुधियाना जाने के लिए करीब पांच घंटे में केवल तीन सरकारी बसें इस बस स्टैन्ड से हो कर गुज़रीं। ये बसें भी चंडीगढ़//मोहाली इत्यादि पीछे से ही भर कर आईं थीं। दूसरी तरफ निजी कंपनियों की बसें धड़ाधड़ आ कर सवारियों को उठा रहीं थीं। सबसे ज़्यादा परेशानी हो रही थी महिला सवारियों को क्यूंकि राज्य सरकार की बसों में उनकी टिकट केवल आधार कार्ड दिखा कर मिल जाती हैं। लोग हैरान थे कि दस पंद्रह मिनटों की सर्विस के बाद आने वाली बसें आज कहाँ चलीं गईं। उन्हें ज़मीं निगल गई या आसमां खा गया। सवारियां एक दुसरे से पूछ रहीं थीं क्या आज इस रुट पर कोई हड़ताल है?

इस संबंध में पूछ-ताछ करने पर पता चला कि सरकार के कहने पर हर डीपू से 50 फीसदी बसें इलेक्शन डयूटी के लिए रवाना कर दी गईं  हैं।  लुधियाना की बसें पहले गिल गांव में एकत्र हुईं और उसके बाद उन्हें उनकी मंज़िलों की तरफ रवाना कर दिया गया। 

दूसरी तरफ अपनी अपनी मंज़िलों की तरफ अपने अपने काम के लिए जाने को मजबूर बेचारे आम लोग प्राइवेट बसों, वॉल्वो वाली महंगी बसों या फिर कैब/टेक्सी ले कर जाने को मजबूर हुए। जो यह सब एफोर्ड नहीं कर सके उन्हें बीएस स्टैंड पर देर तक धक्के खाने पड़े। इनमें से बहुत से लोग ऐसे भी थे जिन्होंने अपने अपने शहर जा कर अपना मतदान करना था लेकिन वे नहीं कर पाए। 

पंजाब के रूटों पर ये बसें इस लिए बेहद कम नज़र आईं क्यूंकि इन डिपुओं से 50-50 फीसदी बसें इलेक्शन डियूटी पर लगा दीं। इलेक्शन स्टाफ के लिए 19 और 20 फरवरी पूरे दो दिन ये सरकारी बसें आम जनता की निगाहों से दूर रहीं। लुधियाना डिपो से जुड़े रूटों पर हालत इस लिए यज़दा बिगड़ी क्यूंकि लुधियाना में न केवल एक डिपो है जबकि कुछ अन्य स्थानों पर तीन तीन डिपो भी हैं। मतदान के मौके पर भी आम जनता से सर्कार की ट्रांसपोर्ट सुविधा छीन लेने वाले लोग नई सुविधा क्या देंगें इसका अनुमान मुश्किल नहीं।